Tuesday, 22 May 2012

फिर भी...

 चिड़ियों को नहीं सिखाया गया है
चहचहाना
नदियों को नहीं बताया किसी ने
समुद्र का पता
हवा ने नहीं अपनाया कोई तयशुदा रास्ता
तितलियों को भी नहीं नहीं सीखना पड़ा
सख्त दुनिया में फूलों को चुन लेना
फिर भी भटकी हुई है तो बस हमारी सभ्यता

सुदीप शुक्ल

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